⭐ पैगम्बर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) – संक्षिप्त जीवन परिचय

अगर आपको एक मुसलमान की ज़िन्दगी क्या होती है देखनी है तो अल्लाह के आखरी पैगम्बर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की जीवनी(ज़िन्दगी) से अच्छी मिसाल दुनिया में कोई नही है। आज हम आपके जीवन का एक संक्षिप्त परिचय पढेंगे …..

» हसब-नसब (वंश) {पिता की तरफ़ से}: मुह्म्मदुर्रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बिन (1) अब्दुल्लाह बिन (2) अब्दुल मुत्तलिब बिन (3) हाशम बिन (4) अब्दे मुनाफ़ बिन (5) कुसय्य बिन (6) किलाब बिन (7) मुर्रा बिन (8) क-अब बिन (9) लुवय्य बिन (10) गालिब बिन (11) फ़हर बिन (12) मालिक बिन (13) नज़्र बिन (14) कनाना बिन (15) खुज़ैमा बिन (16) मुदरिका बिन (17) इलयास बिन (18) मु-ज़र बिन (19) नज़ार बिन (20) मअद बिन (21) अदनान……………………(51) शीस बिन (52) आदम अलैहिस्सल्लाम। { यहां “बिन” का मतलब “सुपुत्र” या “Son Of” से है } अदनान से आगे के शजरा (हिस्से) में बडा इख्तिलाफ़ (मतभेद) हैं। नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने आपको “अदनान” ही तक मन्सूब फ़रमाते थे।

» हसब-नसब (वंश) {मां की तरफ़ से}: मुह्म्मदुर्रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बिन (1) आमिना बिन्त (2) वहब बिन (3) हाशिम बिन (4) अब्दे मुनाफ़…………………। आपकी वालिदा का नसब नामा तीसरी पुश्त पर आपके वालिद के नसब नामा से मिल जाता है।

» बुज़ुर्गों के कुछ नाम: वालिद (पिता) का नाम अब्दुल्लाह और वालिदा (मां) आमिना। चाचा का नाम अबू तालिब और चची का हाला। दादा का नाम अब्दुल मुत्तलिब, दादी का फ़ातिमा। नाना का नाम वहब, और नानी का बर्रा। परदादा का नाम हाशिम और परदादी का नाम सलमा।